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TIPS TO SCORE HIGH IN BOARDS
Tips to score high in boards
Maintain Focus: Though Reasoning Ability is the key section (as you can attempt more questions quickly and has high cut…
www.dailypioneer.com
Maintain Focus: Though Reasoning Ability is the key section (as you can attempt more questions quickly and has high cut-offs), you should prepare for all the sections equally. Of course, you should play to your strength areas, but do not leave other sections behind.
Increase Speed: Distribute your time well between all sections. This can be done if you understand and improve the time you take to attempt each question. Youth4work.com’s technology manages the time for aspirants as for every question attempt, aspirants will get a time equal to the average time of all previous aspirants’ attempts.
Improve Accuracy: With the application of learnt concepts, you need to keep improving your accuracy. Since the syllabus is huge, it is tough to cover all areas equally few days before the exam. It is, therefore, necessary to go through important areas once more, before the exam day. This will boost your confidence as well.
Take Mock Tests: Take as much as mock practice tests as you can. Platforms like Youth4work has launched dedicated apps for competitive exams and CBSE by which you can practice either full exam or a section of any particular topic within the section at your convenience and improve your performance of speed and accuracy.
Waste No Time: During the day we end up spending quite some time eating, resting, bathing or just relaxing. When there is very little time left for an examination which might very well change the course of your career, it is crucial to not waste it. It might be hard, but highly beneficial if you can just fill the empty spaces of your next couple of days by memorizing important formulae, years, concepts, etc.
Previous Years’ Papers: Though the exam mode has changed from offline to online, the assessment areas of candidates have not. Hence practice not only previous years’ papers but also new question sets available in the market to get acquainted with as many question types as you can.
Build Confidence: Often, unsteady nerves won’t let you perform well despite good preparation. Hence, it is very important to be confident and steady before your exam. If it is hard to calm down, just try a few breathing exercises. This will help you relax immensely and boost your exam day performance.
— Rachit Jain, Founder & CEO, Youth4work

क्या ‘डिजिटलीकरण’ के लिए तैयार है भारत का शिक्षा क्षेत्र..?
क्या ‘डिजिटलीकरण’ के लिए तैयार है भारत का शिक्षा क्षेत्र..?
भारतीय अर्थव्यवस्था में तीव्रता से आगे बढ़ रहे शिक्षा क्षेत्र के लिए भारत सरकार ने अपने 2017 के केंद्रीय बजट में स्कूल…
rtinews.net
नई दिल्लीः भारतीय अर्थव्यवस्था में तीव्रता से आगे बढ़ रहे शिक्षा क्षेत्र के लिए भारत सरकार ने अपने 2017 के केंद्रीय बजट में स्कूल शिक्षा के लिए लगभग 46,356.25 करोड़ रुपये और उच्च शिक्षा के लिए लगभग 33,329.70 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। एक रिपोर्ट में इस बात का खुलासा हुआ है। प्रशिक्षण कौशल के रूप में शिक्षा प्रणाली को ‘डिजिटल’ रूप से विकसित करने के लिए तैयार किया जा रहा है। शिक्षा क्षेत्र में आए इन बदलावों के कारण लोगों को कई मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है जिसके कारण ‘डिजिटलीकरण’ में कई चुनौतियां सामने आ रही हैं। इन चुनौतियों को कम करने के लिए प्रशिक्षण कर्मचारियों को पूरी तरह से अपडेट करने के लिए शिक्षा क्षेत्र के विकास की आवश्यकता है।
यूथ फॉर वर्क के संस्थापक एवं सीईओ रचित जैन ने कहा, “शिक्षा प्रणाली में जारी डिजिटलीकरण मेगाटेरेन्ड के जुड़ने से कई विकास हुए हैं। शिक्षा प्रणाली को बेहतर बनाने के लिए अन्य गतिविधियों पर भी ध्यान देना होगा और शिक्षकों को अपने छात्रों का मार्गदर्शन करने के लिए कक्षा में लैपटॉप और प्रेजन्टेशन के द्वारा उनके ज्ञान को बढ़ाना होगा।”
उन्होंने कहा, “भारत के हर क्षेत्र तक शिक्षा पहुंचना एक बहुत बड़ी समस्या है लेकिन डिजिटलिकरण ने शिक्षा को हर क्षेत्र तक पहुंचाने की चुनौती को काफी हद तक कम कर दिया है। मगर जब शिक्षा की गुणवत्ता की बात की जाती है तो वहां अभी भी बहुत सी कमियां है जिसके परिणामस्वरूप शिक्षा की नींव कमजोर पड़ गई है। शिक्षा की कमजोर नींव का प्रभाव छात्रों की शिक्षा पर पड़ रहा है जिसके कारण उन्हें रोजगार के अवसर तलाश करते समय कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है, इतना ही नही इस के कारण देश में बेरोजगारी और कौशल की कमी भी हो रही है। इस समस्या को हल करने के लिए सरकार कई प्रायस कर रही है लेकिन इसके लिए सभी निजी, सार्वजनिक और तकनीकी शक्तियों के एक बड़े पैमाने पर एक साथ रखने की आवश्यकता है।”
जैन ने कहा, “यूथ4वर्क के प्रेप टेस्ट — प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए ऑनलाइन अभ्यास परीक्षण उम्मीदवारों के बीच बहुत ही अनोखे और लोकप्रिय हैं। उम्मीदवार स्व-डिजाइन मॉक टेस्टों के माध्यम से कई विषयों का अलग-अलग अभ्यास कर सकते हैं। यूथ4वर्क की अनोखी तकनीक लाखों उम्मीदवारों को व्यक्तिगत रुप से अपने कौशल का विकास करने में मदद कर रही है, जिसकी मदद से उम्मीदवार किसी भी परीक्षा के लिए स्वयं के प्रदर्शन को बेहतर बना रहे है।”
उन्होंने सीबीएसई बोर्ड में 90 प्रतिशत और उससे अधिक अंक प्राप्त करने के लिए मुख्य तरीके बताए जिनमें फोकस बनाए रखना, अपनी गति बढ़ाए, अपनी क्षमता में सुधार करें, मॉक टेस्ट का प्रयोग करें, समय बर्बाद ना करें, पिछले सालों के पेपर्स को तैयार करें,आत्मविश्वास को बढ़ाए शामिल हैं।
उन्होंने कहा, “अक्सर अस्थिर तनाव के कारण भी आप अच्छी तैयारी होने पर भी अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाते है। इसलिए परीक्षा से पहले विश्वास और स्थिर होना बहुत महत्वपूर्ण होता है। अगर आपके लिए शांत होना मुश्किल हो तो आप कुछ सांस से संबंधीत व्यायाम कर सकते है, जिससे आपको बेहतर आराम मिलेगा और परीक्षा के दिन आपका प्रदर्शन भी अच्छा होगा।”

क्या शिक्षा क्षेत्र डिजिटल रूप से तैयार है?
क्या शिक्षा क्षेत्र डिजिटल रूप से तैयार है? – Viral News
नई दिल्ली, 17 दिसंबर | भारतीय अर्थव्यवस्था में तीव्रता से आगे बढ़ रहे शिक्षा क्षेत्र के लिए भारत सरकार ने अपने 2017 के…
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नई दिल्ली, 17 दिसंबर | भारतीय अर्थव्यवस्था में तीव्रता से आगे बढ़ रहे शिक्षा क्षेत्र के लिए भारत सरकार ने अपने 2017 के केंद्रीय बजट में स्कूल शिक्षा के लिए लगभग 46,356.25 करोड़ रुपये और उच्च शिक्षा के लिए लगभग 33,329.70 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। एक रिपोर्ट में इस बात का खुलासा हुआ है। प्रशिक्षण कौशल के रूप में शिक्षा प्रणाली को ‘डिजिटल’ रूप से विकसित करने के लिए तैयार किया जा रहा है। शिक्षा क्षेत्र में आए इन बदलावों के कारण लोगों को कई मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है जिसके कारण ‘डिजिटलीकरण’ में कई चुनौतियां सामने आ रही हैं। इन चुनौतियों को कम करने के लिए प्रशिक्षण कर्मचारियों को पूरी तरह से अपडेट करने के लिए शिक्षा क्षेत्र के विकास की आवश्यकता है।
यूथ फॉर वर्क के संस्थापक एवं सीईओ रचित जैन ने कहा, “शिक्षा प्रणाली में जारी डिजिटलीकरण मेगाटेरेन्ड के जुड़ने से कई विकास हुए हैं। शिक्षा प्रणाली को बेहतर बनाने के लिए अन्य गतिविधियों पर भी ध्यान देना होगा और शिक्षकों को अपने छात्रों का मार्गदर्शन करने के लिए कक्षा में लैपटॉप और प्रेजन्टेशन के द्वारा उनके ज्ञान को बढ़ाना होगा।”
उन्होंने कहा, “भारत के हर क्षेत्र तक शिक्षा पहुंचना एक बहुत बड़ी समस्या है लेकिन डिजिटलिकरण ने शिक्षा को हर क्षेत्र तक पहुंचाने की चुनौती को काफी हद तक कम कर दिया है। मगर जब शिक्षा की गुणवत्ता की बात की जाती है तो वहां अभी भी बहुत सी कमियां है जिसके परिणामस्वरूप शिक्षा की नींव कमजोर पड़ गई है। शिक्षा की कमजोर नींव का प्रभाव छात्रों की शिक्षा पर पड़ रहा है जिसके कारण उन्हें रोजगार के अवसर तलाश करते समय कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है, इतना ही नही इस के कारण देश में बेरोजगारी और कौशल की कमी भी हो रही है। इस समस्या को हल करने के लिए सरकार कई प्रायस कर रही है लेकिन इसके लिए सभी निजी, सार्वजनिक और तकनीकी शक्तियों के एक बड़े पैमाने पर एक साथ रखने की आवश्यकता है।”
जैन ने कहा, “यूथ4वर्क के प्रेप टेस्ट — प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए ऑनलाइन अभ्यास परीक्षण उम्मीदवारों के बीच बहुत ही अनोखे और लोकप्रिय हैं। उम्मीदवार स्व-डिजाइन मॉक टेस्टों के माध्यम से कई विषयों का अलग-अलग अभ्यास कर सकते हैं। यूथ4वर्क की अनोखी तकनीक लाखों उम्मीदवारों को व्यक्तिगत रुप से अपने कौशल का विकास करने में मदद कर रही है, जिसकी मदद से उम्मीदवार किसी भी परीक्षा के लिए स्वयं के प्रदर्शन को बेहतर बना रहे है।”
उन्होंने सीबीएसई बोर्ड में 90 प्रतिशत और उससे अधिक अंक प्राप्त करने के लिए मुख्य तरीके बताए जिनमें फोकस बनाए रखना, अपनी गति बढ़ाए, अपनी क्षमता में सुधार करें, मॉक टेस्ट का प्रयोग करें, समय बर्बाद ना करें, पिछले सालों के पेपर्स को तैयार करें,आत्मविश्वास को बढ़ाए शामिल हैं।
उन्होंने कहा, “अक्सर अस्थिर तनाव के कारण भी आप अच्छी तैयारी होने पर भी अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाते है। इसलिए परीक्षा से पहले विश्वास और स्थिर होना बहुत महत्वपूर्ण होता है। अगर आपके लिए शांत होना मुश्किल हो तो आप कुछ सांस से संबंधीत व्यायाम कर सकते है, जिससे आपको बेहतर आराम मिलेगा और परीक्षा के दिन आपका प्रदर्शन भी अच्छा होगा।”

क्या शिक्षा क्षेत्र डिजिटल रूप से तैयार है?
क्या शिक्षा क्षेत्र डिजिटल रूप से तैयार है?
नई दिल्ली | भारतीय अर्थव्यवस्था में तीव्रता से आगे बढ़ रहे शिक्षा क्षेत्र के लिए भारत सरकार ने अपने 2017 के केंद्रीय ब…
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नई दिल्ली| भारतीय अर्थव्यवस्था में तीव्रता से आगे बढ़ रहे शिक्षा क्षेत्र के लिए भारत सरकार ने अपने 2017 के केंद्रीय बजट में स्कूल शिक्षा के लिए लगभग 46,356.25 करोड़ रुपये और उच्च शिक्षा के लिए लगभग 33,329.70 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। एक रिपोर्ट में इस बात का खुलासा हुआ है। प्रशिक्षण कौशल के रूप में शिक्षा प्रणाली को ‘डिजिटल’ रूप से विकसित करने के लिए तैयार किया जा रहा है। शिक्षा क्षेत्र में आए इन बदलावों के कारण लोगों को कई मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है जिसके कारण ‘डिजिटलीकरण’ में कई चुनौतियां सामने आ रही हैं। इन चुनौतियों को कम करने के लिए प्रशिक्षण कर्मचारियों को पूरी तरह से अपडेट करने के लिए शिक्षा क्षेत्र के विकास की आवश्यकता है।
यूथ फॉर वर्क के संस्थापक एवं सीईओ रचित जैन ने कहा, “शिक्षा प्रणाली में जारी डिजिटलीकरण मेगाटेरेन्ड के जुड़ने से कई विकास हुए हैं। शिक्षा प्रणाली को बेहतर बनाने के लिए अन्य गतिविधियों पर भी ध्यान देना होगा और शिक्षकों को अपने छात्रों का मार्गदर्शन करने के लिए कक्षा में लैपटॉप और प्रेजन्टेशन के द्वारा उनके ज्ञान को बढ़ाना होगा।”
उन्होंने कहा, “भारत के हर क्षेत्र तक शिक्षा पहुंचना एक बहुत बड़ी समस्या है लेकिन डिजिटलिकरण ने शिक्षा को हर क्षेत्र तक पहुंचाने की चुनौती को काफी हद तक कम कर दिया है। मगर जब शिक्षा की गुणवत्ता की बात की जाती है तो वहां अभी भी बहुत सी कमियां है जिसके परिणामस्वरूप शिक्षा की नींव कमजोर पड़ गई है। शिक्षा की कमजोर नींव का प्रभाव छात्रों की शिक्षा पर पड़ रहा है जिसके कारण उन्हें रोजगार के अवसर तलाश करते समय कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है, इतना ही नही इस के कारण देश में बेरोजगारी और कौशल की कमी भी हो रही है। इस समस्या को हल करने के लिए सरकार कई प्रायस कर रही है लेकिन इसके लिए सभी निजी, सार्वजनिक और तकनीकी शक्तियों के एक बड़े पैमाने पर एक साथ रखने की आवश्यकता है।”
जैन ने कहा, “यूथ4वर्क के प्रेप टेस्ट — प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए ऑनलाइन अभ्यास परीक्षण उम्मीदवारों के बीच बहुत ही अनोखे और लोकप्रिय हैं। उम्मीदवार स्व-डिजाइन मॉक टेस्टों के माध्यम से कई विषयों का अलग-अलग अभ्यास कर सकते हैं। यूथ4वर्क की अनोखी तकनीक लाखों उम्मीदवारों को व्यक्तिगत रुप से अपने कौशल का विकास करने में मदद कर रही है, जिसकी मदद से उम्मीदवार किसी भी परीक्षा के लिए स्वयं के प्रदर्शन को बेहतर बना रहे है।”
उन्होंने सीबीएसई बोर्ड में 90 प्रतिशत और उससे अधिक अंक प्राप्त करने के लिए मुख्य तरीके बताए जिनमें फोकस बनाए रखना, अपनी गति बढ़ाए, अपनी क्षमता में सुधार करें, मॉक टेस्ट का प्रयोग करें, समय बर्बाद ना करें, पिछले सालों के पेपर्स को तैयार करें,आत्मविश्वास को बढ़ाए शामिल हैं।
उन्होंने कहा, “अक्सर अस्थिर तनाव के कारण भी आप अच्छी तैयारी होने पर भी अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाते है। इसलिए परीक्षा से पहले विश्वास और स्थिर होना बहुत महत्वपूर्ण होता है। अगर आपके लिए शांत होना मुश्किल हो तो आप कुछ सांस से संबंधीत व्यायाम कर सकते है, जिससे आपको बेहतर आराम मिलेगा और परीक्षा के दिन आपका प्रदर्शन भी अच्छा होगा।”

क्या शिक्षा क्षेत्र डिजिटल रूप से तैयार है?
भारतीय अर्थव्यवस्था में तीव्रता से आगे बढ़ रहे शिक्षा क्षेत्र के लिए भारत सरकार ने अपने 2017 के केंद्रीय बजट में स्कूल शिक्षा के लिए लगभग 46,356.25 करोड़ रुपये और उच्च शिक्षा के लिए लगभग 33,329.70 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। एक रिपोर्ट में इस बात का खुलासा हुआ है।
प्रशिक्षण कौशल के रूप में शिक्षा प्रणाली को ‘डिजिटल’ रूप से विकसित करने के लिए तैयार किया जा रहा है। शिक्षा क्षेत्र में आए इन बदलावों के कारण लोगों को कई मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है जिसके कारण ‘डिजिटलीकरण’ में कई चुनौतियां सामने आ रही हैं। इन चुनौतियों को कम करने के लिए प्रशिक्षण कर्मचारियों को पूरी तरह से अपडेट करने के लिए शिक्षा क्षेत्र के विकास की आवश्यकता है।
यूथ फॉर वर्क के संस्थापक एवं सीईओ रचित जैन ने कहा, “शिक्षा प्रणाली में जारी डिजिटलीकरण मेगाटेरेन्ड के जुड़ने से कई विकास हुए हैं। शिक्षा प्रणाली को बेहतर बनाने के लिए अन्य गतिविधियों पर भी ध्यान देना होगा और शिक्षकों को अपने छात्रों का मार्गदर्शन करने के लिए कक्षा में लैपटॉप और प्रेजन्टेशन के द्वारा उनके ज्ञान को बढ़ाना होगा।”
उन्होंने कहा, “भारत के हर क्षेत्र तक शिक्षा पहुंचना एक बहुत बड़ी समस्या है लेकिन डिजिटलिकरण ने शिक्षा को हर क्षेत्र तक पहुंचाने की चुनौती को काफी हद तक कम कर दिया है। मगर जब शिक्षा की गुणवत्ता की बात की जाती है तो वहां अभी भी बहुत सी कमियां है जिसके परिणामस्वरूप शिक्षा की नींव कमजोर पड़ गई है। शिक्षा की कमजोर नींव का प्रभाव छात्रों की शिक्षा पर पड़ रहा है जिसके कारण उन्हें रोजगार के अवसर तलाश करते समय कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है, इतना ही नही इस के कारण देश में बेरोजगारी और कौशल की कमी भी हो रही है। इस समस्या को हल करने के लिए सरकार कई प्रायस कर रही है लेकिन इसके लिए सभी निजी, सार्वजनिक और तकनीकी शक्तियों के एक बड़े पैमाने पर एक साथ रखने की आवश्यकता है।”
जैन ने कहा, “यूथ4वर्क के प्रेप टेस्ट — प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए ऑनलाइन अभ्यास परीक्षण उम्मीदवारों के बीच बहुत ही अनोखे और लोकप्रिय हैं। उम्मीदवार स्व-डिजाइन मॉक टेस्टों के माध्यम से कई विषयों का अलग-अलग अभ्यास कर सकते हैं। यूथ4वर्क की अनोखी तकनीक लाखों उम्मीदवारों को व्यक्तिगत रुप से अपने कौशल का विकास करने में मदद कर रही है, जिसकी मदद से उम्मीदवार किसी भी परीक्षा के लिए स्वयं के प्रदर्शन को बेहतर बना रहे है।”
उन्होंने सीबीएसई बोर्ड में 90 प्रतिशत और उससे अधिक अंक प्राप्त करने के लिए मुख्य तरीके बताए जिनमें फोकस बनाए रखना, अपनी गति बढ़ाए, अपनी क्षमता में सुधार करें, मॉक टेस्ट का प्रयोग करें, समय बर्बाद ना करें, पिछले सालों के पेपर्स को तैयार करें,आत्मविश्वास को बढ़ाए शामिल हैं।
उन्होंने कहा, “अक्सर अस्थिर तनाव के कारण भी आप अच्छी तैयारी होने पर भी अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाते है। इसलिए परीक्षा से पहले विश्वास और स्थिर होना बहुत महत्वपूर्ण होता है। अगर आपके लिए शांत होना मुश्किल हो तो आप कुछ सांस से संबंधीत व्यायाम कर सकते है, जिससे आपको बेहतर आराम मिलेगा और परीक्षा के दिन आपका प्रदर्शन भी अच्छा होगा।”

क्या शिक्षा क्षेत्र डिजिटल रूप से तैयार है?
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नई दिल्ली| भारतीय अर्थव्यवस्था में तीव्रता से आगे बढ़ रहे शिक्षा क्षेत्र के लिए भारत सरकार ने अपने 2017 के केंद्रीय बज…
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नई दिल्ली| भारतीय अर्थव्यवस्था में तीव्रता से आगे बढ़ रहे शिक्षा क्षेत्र के लिए भारत सरकार ने अपने 2017 के केंद्रीय बजट में स्कूल शिक्षा के लिए लगभग 46,356.25 करोड़ रुपये और उच्च शिक्षा के लिए लगभग 33,329.70 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। एक रिपोर्ट में इस बात का खुलासा हुआ है। प्रशिक्षण कौशल के रूप में शिक्षा प्रणाली को ‘डिजिटल’ रूप से विकसित करने के लिए तैयार किया जा रहा है। शिक्षा क्षेत्र में आए इन बदलावों के कारण लोगों को कई मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है जिसके कारण ‘डिजिटलीकरण’ में कई चुनौतियां सामने आ रही हैं। इन चुनौतियों को कम करने के लिए प्रशिक्षण कर्मचारियों को पूरी तरह से अपडेट करने के लिए शिक्षा क्षेत्र के विकास की आवश्यकता है।
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यूथ फॉर वर्क के संस्थापक एवं सीईओ रचित जैन ने कहा, “शिक्षा प्रणाली में जारी डिजिटलीकरण मेगाटेरेन्ड के जुड़ने से कई विकास हुए हैं। शिक्षा प्रणाली को बेहतर बनाने के लिए अन्य गतिविधियों पर भी ध्यान देना होगा और शिक्षकों को अपने छात्रों का मार्गदर्शन करने के लिए कक्षा में लैपटॉप और प्रेजन्टेशन के द्वारा उनके ज्ञान को बढ़ाना होगा।”
उन्होंने कहा, “भारत के हर क्षेत्र तक शिक्षा पहुंचना एक बहुत बड़ी समस्या है लेकिन डिजिटलिकरण ने शिक्षा को हर क्षेत्र तक पहुंचाने की चुनौती को काफी हद तक कम कर दिया है। मगर जब शिक्षा की गुणवत्ता की बात की जाती है तो वहां अभी भी बहुत सी कमियां है जिसके परिणामस्वरूप शिक्षा की नींव कमजोर पड़ गई है। शिक्षा की कमजोर नींव का प्रभाव छात्रों की शिक्षा पर पड़ रहा है जिसके कारण उन्हें रोजगार के अवसर तलाश करते समय कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है, इतना ही नही इस के कारण देश में बेरोजगारी और कौशल की कमी भी हो रही है। इस समस्या को हल करने के लिए सरकार कई प्रायस कर रही है लेकिन इसके लिए सभी निजी, सार्वजनिक और तकनीकी शक्तियों के एक बड़े पैमाने पर एक साथ रखने की आवश्यकता है।”
जैन ने कहा, “यूथ4वर्क के प्रेप टेस्ट — प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए ऑनलाइन अभ्यास परीक्षण उम्मीदवारों के बीच बहुत ही अनोखे और लोकप्रिय हैं। उम्मीदवार स्व-डिजाइन मॉक टेस्टों के माध्यम से कई विषयों का अलग-अलग अभ्यास कर सकते हैं। यूथ4वर्क की अनोखी तकनीक लाखों उम्मीदवारों को व्यक्तिगत रुप से अपने कौशल का विकास करने में मदद कर रही है, जिसकी मदद से उम्मीदवार किसी भी परीक्षा के लिए स्वयं के प्रदर्शन को बेहतर बना रहे है।”
उन्होंने सीबीएसई बोर्ड में 90 प्रतिशत और उससे अधिक अंक प्राप्त करने के लिए मुख्य तरीके बताए जिनमें फोकस बनाए रखना, अपनी गति बढ़ाए, अपनी क्षमता में सुधार करें, मॉक टेस्ट का प्रयोग करें, समय बर्बाद ना करें, पिछले सालों के पेपर्स को तैयार करें,आत्मविश्वास को बढ़ाए शामिल हैं।
उन्होंने कहा, “अक्सर अस्थिर तनाव के कारण भी आप अच्छी तैयारी होने पर भी अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाते है। इसलिए परीक्षा से पहले विश्वास और स्थिर होना बहुत महत्वपूर्ण होता है। अगर आपके लिए शांत होना मुश्किल हो तो आप कुछ सांस से संबंधीत व्यायाम कर सकते है, जिससे आपको बेहतर आराम मिलेगा और परीक्षा के दिन आपका प्रदर्शन भी अच्छा होगा।”

क्या शिक्षा क्षेत्र डिजिटल रूप से तैयार है?
क्या शिक्षा क्षेत्र डिजिटल रूप से तैयार है?
भारतीय अर्थव्यवस्था में तीव्रता से आगे बढ़ रहे शिक्षा क्षेत्र के लिए भारत सरकार ने अपने 2017 के केंद्रीय बजट में स्कूल…
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नई दिल्ली (आईएएनएस)। भारतीय अर्थव्यवस्था में तीव्रता से आगे बढ़ रहे शिक्षा क्षेत्र के लिए भारत सरकार ने अपने 2017 के केंद्रीय बजट में स्कूल शिक्षा के लिए लगभग 46,356.25 करोड़ रुपये और उच्च शिक्षा के लिए लगभग 33,329.70 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। एक रिपोर्ट में इस बात का खुलासा हुआ है।
प्रशिक्षण कौशल के रूप में शिक्षा प्रणाली को ‘डिजिटल’ रूप से विकसित करने के लिए तैयार किया जा रहा है। शिक्षा क्षेत्र में आए इन बदलावों के कारण लोगों को कई मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है जिसके कारण ‘डिजिटलीकरण’ में कई चुनौतियां सामने आ रही हैं। इन चुनौतियों को कम करने के लिए प्रशिक्षण कर्मचारियों को पूरी तरह से अपडेट करने के लिए शिक्षा क्षेत्र के विकास की आवश्यकता है।
यूथ फॉर वर्क के संस्थापक एवं सीईओ रचित जैन ने कहा, “शिक्षा प्रणाली में जारी डिजिटलीकरण मेगाटेरेन्ड के जुड़ने से कई विकास हुए हैं। शिक्षा प्रणाली को बेहतर बनाने के लिए अन्य गतिविधियों पर भी ध्यान देना होगा और शिक्षकों को अपने छात्रों का मार्गदर्शन करने के लिए कक्षा में लैपटॉप और प्रेजन्टेशन के द्वारा उनके ज्ञान को बढ़ाना होगा।”
उन्होंने कहा, “भारत के हर क्षेत्र तक शिक्षा पहुंचना एक बहुत बड़ी समस्या है लेकिन डिजिटलिकरण ने शिक्षा को हर क्षेत्र तक पहुंचाने की चुनौती को काफी हद तक कम कर दिया है। मगर जब शिक्षा की गुणवत्ता की बात की जाती है तो वहां अभी भी बहुत सी कमियां है जिसके परिणामस्वरूप शिक्षा की नींव कमजोर पड़ गई है। शिक्षा की कमजोर नींव का प्रभाव छात्रों की शिक्षा पर पड़ रहा है जिसके कारण उन्हें रोजगार के अवसर तलाश करते समय कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है, इतना ही नही इस के कारण देश में बेरोजगारी और कौशल की कमी भी हो रही है। इस समस्या को हल करने के लिए सरकार कई प्रायस कर रही है लेकिन इसके लिए सभी निजी, सार्वजनिक और तकनीकी शक्तियों के एक बड़े पैमाने पर एक साथ रखने की आवश्यकता है।”
जैन ने कहा, “यूथ4वर्क के प्रेप टेस्ट — प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए ऑनलाइन अभ्यास परीक्षण उम्मीदवारों के बीच बहुत ही अनोखे और लोकप्रिय हैं। उम्मीदवार स्व-डिजाइन मॉक टेस्टों के माध्यम से कई विषयों का अलग-अलग अभ्यास कर सकते हैं। यूथ4वर्क की अनोखी तकनीक लाखों उम्मीदवारों को व्यक्तिगत रुप से अपने कौशल का विकास करने में मदद कर रही है, जिसकी मदद से उम्मीदवार किसी भी परीक्षा के लिए स्वयं के प्रदर्शन को बेहतर बना रहे है।”
उन्होंने सीबीएसई बोर्ड में 90 प्रतिशत और उससे अधिक अंक प्राप्त करने के लिए मुख्य तरीके बताए जिनमें फोकस बनाए रखना, अपनी गति बढ़ाए, अपनी क्षमता में सुधार करें, मॉक टेस्ट का प्रयोग करें, समय बर्बाद ना करें, पिछले सालों के पेपर्स को तैयार करें, आत्मविश्वास को बढ़ाए शामिल हैं।
उन्होंने कहा, “अक्सर अस्थिर तनाव के कारण भी आप अच्छी तैयारी होने पर भी अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाते है। इसलिए परीक्षा से पहले विश्वास और स्थिर होना बहुत महत्वपूर्ण होता है। अगर आपके लिए शांत होना मुश्किल हो तो आप कुछ सांस से संबंधीत व्यायाम कर सकते है, जिससे आपको बेहतर आराम मिलेगा और परीक्षा के दिन आपका प्रदर्शन भी अच्छा होगा।”
ENGLISH PRESS RELEASE
Is Education Industry digitalised yet?
The Industry is growing at a rapid rate for education is an essential element of the Indian economy too. The Government of India, in its union budget of 2017 has allocated Rs. 46,356.25 crore to school education and literacy and Rs. 33,329.70 crore to higher education, according to a recent report. The education system is ill-equipped to rise to the “digital” challenge as the skill training a large pool of talent for the new era with the new technologies are still no longer in mass demand. The people still find it difficult to be in the system and ‘digitalisation’ is still being challenged. Training employees to be completely up-to-date, it is equally important for the education industry to reskill their practioners.
With the ongoing digitization megatrend, it is meant that education will have to be on top of the game, and school teachers must have to start adopting laptops and presentations to enhance the classroom experience for their students. Digitalisation has brought about a significant impact in the education industry, and with technology having a positive influence on the future, most experts see light in the Indian education sector. Institutions are now able to decide on the best way to utilise technology to impart knowledge without any government interference.
Reaching out to a large student population has be a constant problem. While the challenge of education access has been largely resolved, the issue of quality is not, particularly in the area of primary education. It has been much overlooked and obsolete, resulting in weak foundation among students. The results in workforce that is unemployable and hard to skill. The government is trying to solve it through regulation but that is unlikely to work. A massive unleashing of private, public, and technological forces is needed.
Robust platforms like Youth4work.com, through the use of technology will be needed to resolve the current problems found within the education sector. Furthermore, given the entrepreneurial boost in the country today, India will need to start encouraging skills in design thinking, creative thinking, unstructured project management, and the ability to adapt and drive in changing environments.
Understanding the Competition for CBSE Board Exam 10th and 12th
Science has been a challenging subject for many students of both levels, but rigorous preparation can give you better results. Reading all the chapters thoroughly from the textbook will help you develop a better understanding of the concepts. Many students have a fear of Mathematics and Accountancy because of which they start cramming the concepts instead of understanding them, which leads to poor performance in the final exams.
Youth4work’s Prep Tests — online practice tests for competitive exams — are very unique and popular among aspirants. Aspirants can take self-designed mock-tests as well as practice for sections and topics separately. Youth4work’s unique and proprietary technology is helping lakhs of aspirants to reveal personal details on what are the strength areas of aspirants for any exam and also suggest how can they improve the performance.
The graph shows that students of the school D.P.S and D.A.V Public School have shown more interest in the mock test for Math followed by Science and English. Whereas, KV have equal participation in both Math and Science.
A report by Youth4work.com shows about the more number of participants in Physics and Chemistry scores good marks than in English and Accountancy in these schools.
Tips to score 90% and above in CBSE boards
1. Maintain Focus: Though Reasoning Ability is the key section (as you can attempt more questions quickly and has high cut-offs), you should prepare for all the sections equally. Of course, you should play to your strength areas, but do not leave other sections behind.
2. Increase Speed: Distribute your time well between all sections. This can be done if you understand and improve the time you take to attempt each question. Youth4work.com’s technology manages the time for aspirants as for every question attempt, aspirants will get a time equal to average time of all previous aspirants’ attempts.
3. Improve Accuracy: With the application of learnt concepts, you need to keep improving your accuracy. Since the syllabus is huge, it is tough to cover all areas equally few days before the exam. It is, therefore, necessary to go through important areas once more, before the exam day. This will boost your confidence as well.
4. Take Mock Tests: Take as much as mock practice tests as you can. Platforms like Youth4work has launched dedicated apps for competitive exams and CBSE by which you can practice either full exam or a section of any particular topic within the section at your convenience and improve your performance of speed and accuracy.
5. Waste No Time: During the day we end up spending quite some time eating, resting, bathing or just relaxing. When there is very little time left for an examination which might very well change the course of your career, it is crucial to not waste it. It might be hard, but highly beneficial if you can just fill the empty spaces of your next couple of days by memorizing important formulae, years, concepts, etc.
6. Previous Years’ Papers: Though the exam mode has changed from offline to online, the assessment areas of candidates have not. Hence practice not only previous years’ papers but also new question sets available in the market to get acquainted with as many question types as you can.
7. Build Confidence: Often, unsteady nerves won’t let you perform well despite a good preparation. Hence, it is very important to be confident and steady before your exam. If it is hard to calm down, just try a few breathing exercises. This will help you relax immensely and boost your exam day performance.
HINDI PRESS RELEASE
भारतीय अर्थव्यवस्था में क्या शिक्षा क्षेत्र भी डिजिटल रूप से तैयार है?
भारतीय अर्थव्यवस्था में शिक्षा क्षेत्र एक महत्वपूर्ण अंग हैं, जो तीव्रता से आगे बढ़ रहा है। हालही में आई एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत सरकार ने अपने 2017 के संघ बजट में स्कूल शिक्षा के लिए लगभग 46,356.25 करोड़ रुपये और उच्च शिक्षा के लिए लगभग 33,329.70 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। शिक्षा क्षेत्र में आई नई तकनीकों के कारण आज प्रतिभा को बहुत बढ़ावा मिल रहा है जिसके कारण प्रशिक्षण कौशल के रूप में शिक्षा प्रणाली को “डिजिटल” रूप से विकसित करने के लिए तैयार किया जा रहा है। शिक्षा क्षेत्र में आए इन बदलावो के कारण लोगों को कई मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है जिसके कारण ‘डिजिटलीकरण’ को कई चुनौतियां का सामना करना पड़ रहा है। इस चुनौतियों को कम करने के लिए प्रशिक्षण कर्मचारियों को पूरी तरह से अपडेट करने के लिए शिक्षा क्षेत्र के विकास की आवश्यकता है।
शिक्षा प्रणाली में ऑनगोइंग डिजिटलीकरण मेगाटेरेन्ड के जुडने से कई विकास हुए है। शिक्षा प्रणाली को बेहतर बनाने के लिए अन्य गतिविधियों पर भी ध्यान देना होगा और शिक्षकों को अपने छात्रों का मार्गदर्शन करने के लिए कक्षा में लैपटॉप और प्रेज़न्टैशन के द्वारा उनके ज्ञान को बढ़ाना होगा। आज डिजिटलकरण ने शिक्षा उद्योग में महत्वपूर्ण बदलाव किया है जिसके चलते भविष्य में तकनीक पर एक सकारात्मक प्रभाव पड़ा हैं। जिससे शिक्षा संस्थान किसी भी सरकारी हस्तक्षेप के बिना तकनीक का उपयोग कर के छात्रों को अच्छी सुविधाएं प्रदान कर सकते है।
भारत के हर क्षेत्र तक शिक्षा को पहुंचना एक बहुत बड़ी समस्या है लेकिन डिजिटलकरण ने शिक्षा को हर क्षेत्र तक पहुंचाने की चुनौती को काफी हद तक कम कर दिया है। मगर जब शिक्षा की गुणवत्ता की बात की जाती है तो वहां अभी भी बहुत सी कमीया है जिसके परिणामस्वरूप शिक्षा की नींव कमजोर पड़ गई है। शिक्षा की कमजोर नींव का प्रभाव छात्रों की शिक्षा पर पड़ रहा है जिसके कारण उन्हें रोजगार के अवसर तलाश करते समय कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है, इतना ही नही इस के कारण देश में बेरोजगारी और कौशल की कमी भी हो रही है। इस समस्या को हल करने के लिए सरकार कई प्रायस कर रही है लेकिन इसके लिए सभी निजी, सार्वजनिक और तकनीकी शक्तियों के एक बड़े पैमाने पर एक साथ रखने की आवश्यकता है।
Youth4work.com जैसे मजबूत प्लेटफार्मों, आज तकनीक का सही उपयोग कर शिक्षा क्षेत्र में मौजूद सभी समस्याओं को कम कर रहे है। इसके अलावा, देश में आन्ट्रप्रनरीअल को बढ़ावा देने के लिए, भारत में रचनात्मक सोच, असंरचित प्रोजेक्ट प्रबंधन और वातावरण समय के अनुसार प्रतिभा को बदल कर कौशल को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता पर भी ध्यान दे रहे है।
सीबीएसई बोर्ड परीक्षा 10 वीं और 12 वीं के लिए प्रतियोगिता को देखें
10वीं ताथा 12वीं दोनों ही स्तरों के छात्रों छात्रों के लिए विज्ञान एक चुनौतीपूर्ण विषय रहा है, लेकिन अच्छी तैयारी आपको बेहतर परिणाम दे सकती है। पाठ्य पुस्तक के सभी अध्यायों का अच्छी तरह से अध्ययन करने से आपको अपने ज्ञान को विकसित करने में मदद मिलेगी। कई छात्रों को गणित और अकाउन्टन्सी में भी बहुत कठिनाई होती है, जिसके कारण वे उन्हें समझने का प्रयास नही करते है और अंतिम परीक्षा में अपने प्रदर्शन को खराब कर देते है।
Youth4work के प्रेप टेस्ट — प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए ऑनलाइन अभ्यास परीक्षण उम्मीदवारों के बीच बहुत ही अनोखे और लोकप्रिय हैं। उम्मीदवार स्व-डिज़ाइन मॉक टेस्टों के माध्यम से कई विषयों का अलग-अलग अभ्यास कर सकते हैं। Youth4work की अनोखी तकनीक लाखों उम्मीदवारों को व्यक्तिगत रुप से अपने कौशल का विकास करने में मदद कर रही है, जिसकी मदद से उम्मीदवार किसी भी परीक्षा के लिए स्वयं के प्रदर्शन को बेहतर बना रहे है।
Youth4work.com के द्वारा तैयार किए गए इस में ग्राफ में दर्शाया गया है कि डी.पी.एस. (D.P.S) और डी.ए.ए. पब्लिक स्कूल के छात्रों ने गणित विषय से संबंधित मॉक टोस्टों में अधिक रुचि दिखायी है, और इसके बाद विज्ञान और अंग्रेजी के मॉक टेस्टों का अभ्यास किया है। जबकि केन्द्र विद्यालय (KV) के छात्रों ने गणित और विज्ञान में अधिक रूचि दिखाई है।
इतना ही नहीं Youth4work.com की इस रिपोर्ट के अनुसार उम्मीदवारों ने अंग्रेजी और अकाउंटेंसी की तुलना में भौतिकी और रसायन विज्ञान के विषय में अच्छा अंक प्राप्त किए हैं।
सीबीएसई बोर्ड में 90% और उससे अधिक अंक प्राप्त करने के लिए मुख्य तरीके
1. फोकस बनाए रखें: हालांकि रीजनिंग क्षमता एक मुख्य खंड हैं, (जिससे आप जल्दी से अधिक प्रश्नों का प्रयास कर सकते हैं और अधिक अंक भी प्राप्त कर सकते हैं) आपको सभी विषयों को समान रूप से तैयार करना चाहिए। बेशक आपको अपने सबसे अच्छे विषय को भी देखना चाहिए लेकिन इसके लिए अन्य विषयों को पीछें नहीं छोड़ना चाहिए है।
2. अपनी गति बढ़ाए: प्रत्येक विषय के लिए बेहतर तरिके से अपना समय दे। यह तभी किया जा सकता है, जब आप प्रत्येक प्रश्न का अभ्यास करने के लिए समय को समझेगे और उसमें सुधार करेगें। Youth4work.com की तकनीक प्रत्येक प्रश्न का प्रयास करने के लिए उम्मीदवारों के लिए समय को व्यवस्थित करती है, सभी उम्मीदवारों को प्रश्नो का अभ्यास करने के लिए बराबर समय मिलता हैं।
3. अपनी क्षमता में सुधार करें: हमारी ऐप से आप परीक्षा के लिए अपनी क्षमताओं में सुधार कर सकते है। चूंकि पाठ्यक्रम बहुत बड़ा है और ऐसे में परीक्षा से कुछ दिन पहले सभी खंडों की तैयारी करना मुश्किल होता है। इसलिए परीक्षा के कुछ दिन पहले एक बार महत्वपूर्ण क्षेत्रों को देखना जरूरी होता है। इससे आपका आत्मविश्वास बढ़ता हैं।
4. मॉक टेस्ट ले: आप जितना हो सके उतना मॉक टेस्ट से अभ्यास कर सकते हैं। www.Youth4work.com जैसे प्लेटफार्म ने CBSE के लिए एप्लिकेशन लॉन्च कि हैं, जिसके द्वारा आप अपनी सुविधा के अनुसार सभी खंडों या किसी विशेष विषय के एक हिस्से का अभ्यास कर सकते हैं और अपने प्रदर्शन को बेहतर बना सकते हैं।
5. समय बर्बाद ना करे: दिन के दौरान हम ज्यादातर समय खानेए आराम करने या स्नान करने व्यतीत करते हैं। जब परीक्षा के लिए बहुत कम समय बचा हो और वह भी खास कर ऐसी परिक्षा के लिए जो आपके कैरियर को बदल सकती है, तो ऐसे में समय बर्बाद नहीं करना चाहिए। यह कठिन है, लेकिन अत्यधिक फायदेमंद हो सकता है। यदि आप महत्वपूर्ण सूत्रों, वर्षों, प्रत्ययों आदि को याद करने के लिए अपने दिनों के खाली समय का भी प्रयोग कर सकते है।
6. पिछले सालों के पेपर्स: हालांकि परीक्षा का तरीका अब ऑफलाइन से ऑनलाइन में बदल गया है, लेकिन उम्मीदवारों का मूल्यांकन क्षेत्र अभी भी नहीं बदला हैं। इसलिए न केवल पिछले साल के पेपर बाजार में उपलब्ध बल्कि नए सवाल के सेट भी मौजूद हैं, जिससे आप कई प्रश्नों का अभ्यास कर सकते है।
7. आत्मविश्वास को बढ़ाए: अक्सर अस्थिर तनाव के कारण भी आप अच्छी तैयारी होने पर भी अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाते है। इसलिए परीक्षा से पहले विश्वास और स्थिर होना बहुत महत्वपूर्ण होता है। अगर आपके लिए शांत होना मुश्किल हो तो आप कुछ सांस से संबंधीत व्यायाम कर सकते है, जिससे आपको बेहतर आराम मिलेगा और परीक्षा के दिन आपका प्रदर्शन भी अच्छा होगा।